झारखंड, धनबाद के चर्चित कांग्रेस नेता सह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड मामले में 27 अगस्त को धनबाद कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया । जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डीसी अवस्थी की अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। बचाव पक्ष के वकील मो जावेद ने बताया कि साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। वहीं नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि वो इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
8 साल 5 महीने 5 दिन बाद नीरज सिंह हत्याकांड का फैसला
पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, ड्राइवर घल्टू महतो, पी.ई. अशोक यादव और बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी की 21 मार्च 2017 की शाम धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट के पास हत्या कर दी गई थी. दो बाइकों पर सवार चार अपराधियों ने नीरज सिंह की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। जिसके बाद 23 मार्च 2017 को नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह की शिकायत पर झरिया के पूर्व बीजेपी विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, गया सिंह, महंत पांडे और सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष सिंह को आरोपी बनाया गया था. बाद में, अप्राथमिकी अभियुक्तों में नाम जुड़ते गए।
मामले में कार्रवाई करते हुए संजीव सिंह के साथ, धनजी सिंह, संजय सिंह, पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, पंकज सिंह, शूटर अमन सिंह, सतीश सिंह, कुर्बान अली और सागर सिंह को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद मामले में 4 अगस्त 2017 को आरोप तय किए गए।
आज प्रश्न यह उठता है कि तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने जिनको गुनहगार बनाकर जेल में डाला वे सभी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए,तब कातिल कौन है दूसरी तरफ जिनको अब तक आठ साल से जेल में बेकसूर होने के बाद भी सजा काटना पड़ा,उनका वह वक्त कौन लौटाएगा। आखिर नीरज के वास्तविक हत्यारे कौन थे,असल सवाल पुलिस के अनुसंधान पर उठता है जहां हत्याकांड के आठ साल बीतने के बाद भी पुलिस असल अपराधी को पकड़ नहीं पायी । संजीव सिंह एवं सभी अपराधियों के बरी होते पूरे कोयलांचल धनबाद में संजीव सिंह समर्थकों में खुशी का माहौल था लोगों ने मिठाईयां बांटी और पटाखे भी फोड़े।
रिपोर्ट प्रेम प्रकाश शर्मा