लापरवाही ने बिगाड़ी ग्रेटर नोएडा की पहचान*

बृज बिहारी दुबे
By -

रिपोर्ट - भोला ठाकुर 
 गौतम बुद्ध नगर परी चौक के आसपास की ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज और सार्वजनिक पार्क आज बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिसने शहर की सुंदरता और प्रशासनिक दावों दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
29 अप्रैल को स्थानीय नागरिकों द्वारा जिन स्थानों की तस्वीरें साझा कर प्रशासन को अवगत कराया गया था, 7 मई तक वहां सफाई तो दूर, कचरे का अंबार और बढ़ चुका है।
स्थानीय एक्टिव सिटीज़न टीम के सदस्य हरेन्द्र भाटी ने बताया कि अधिकारियों को समस्या का समाधान करना चाहिए था, लेकिन 9 दिनों में हालात और भयावह हो गए। प्लास्टिक, खाने के डिब्बे, घरेलू कचरा और सड़ती गंदगी खुले में पड़ी है, जिससे न केवल शहर की छवि खराब हो रही है बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह क्षेत्र शहर का वीआईपी मार्ग माना जाता है। यहां से रोजाना लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत कई शहरों के लिए हजारों लोगों का आवागमन होता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
तनख्वाह पूरी, ज़मीनी काम शून्य?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारी वातानुकूलित दफ्तरों में बैठकर केवल योजनाओं और सफाई अभियानों की बातें करते हैं, जबकि जमीन पर उनका असर शून्य दिखाई देता है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
शहर को स्मार्ट सिटी और स्वच्छ शहर बनाने के बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार अफसरों से अब नागरिक सवाल पूछ रहे हैं—
अगर परी चौक जैसी प्रमुख जगह की यह हालत है, तो अंदरूनी इलाकों का क्या हाल होगा?
सरकार और प्रशासन दोनों जवाब दें
सवाल केवल सफाई का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही का है। सरकार करोड़ों रुपये स्वच्छता अभियानों पर खर्च करती है, लेकिन यदि अधिकारी ही अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं हैं तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगी।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:
तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग हो
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए
“शहर हमारा है, इसे बचाना भी हमारी और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।”
— हरेन्द्र भाटी, एक्टिव सिटीज़न टीम

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn more
Ok, Go it!