*संग्रामगढ़ संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के *कामा पट्टी गांव* निवासी *कृष्णकांत पांडे* द्वारा पुराने मकान को गिराकर उसी स्थान पर नया मकान बनाए जाने के दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा जबरन परेशान किए जाने का मामला सामने आया है।
पीड़ित कृष्णकांत पांडे का आरोप है कि पड़ोसी, जो *दिल्ली पुलिस में तैनात बताए जा रहे हैं*, “वर्दी का रौब” दिखाकर रास्ते को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं और निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, निर्माण स्थल पर पहले से ही *करीब 16 फीट चौड़ा रास्ता मौजूद है*, जिससे आवागमन में न तो वर्तमान में कोई समस्या है और न ही भविष्य में होने की संभावना है। इसके बावजूद पड़ोसी जबरन रास्ता छुड़वाने का दबाव बना रहे हैं।
विवाद बढ़ने पर आरोप है कि पड़ोसियों ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को जबरन पकड़वाकर *संग्रामगढ़ थाने में बैठवा दिया*, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। पीड़ित ने इसे उत्पीड़न और दबाव बनाने की कार्रवाई करार दिया है।
इतना ही नहीं, पीड़ित का यह भी आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले *कार्तिकेय तिवारी और उनकी पत्नी*, जो पुलिस विभाग से जुड़े बताए जा रहे हैं, मदद करने के बजाय अपने पद का दुरुपयोग कर उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। आरोपियों द्वारा बार-बार जेल भिजवाने की धमकी देने और जबरन निर्माण रुकवाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित ने *थाना संग्रामगढ़ सहित उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई* की मांग की है, ताकि उन्हें इस प्रकार के कथित उत्पीड़न से राहत मिल सके।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला निजी जमीन और निर्माण से जुड़ा हुआ है, जिसमें रास्ते को लेकर कोई वास्तविक बाधा नहीं है। ऐसे में प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।
