फिल्मी कहानी बनी हकीकत: जौनपुर में पति ने पत्नी की प्रेमी से कराई शादी, खुद दिया आशीर्वाद

बृज बिहारी दुबे
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 रिपोर्ट अशोक कुमार दुब  
जौनपुर रिश्तों में अक्सर टकराव, झगड़े और मुकदमे देखने को मिलते हैं, लेकिन जौनपुर में एक पति ने ऐसा फैसला लिया, जिसने न सिर्फ लोगों को चौंकाया बल्कि मानवीय संवेदना और त्याग की नई मिसाल भी पेश कर दी। यहां एक पति ने अपनी पत्नी की उसके प्रेमी से पूरे विधि-विधान के साथ शादी करवा दी और खुद आगे बढ़कर दोनों को आशीर्वाद भी दिया।
यह अनोखा दृश्य जौनपुर के कचहरी परिसर स्थित मंदिर में देखने को मिला, जहां दर्जनों अधिवक्ताओं, पति-पत्नी व प्रेमी के परिजनों की मौजूदगी में विवाह संपन्न कराया गया। पत्नी ने खड़े होकर जयमाल पहनाई, प्रेमी ने उसकी मांग में सिंदूर भरा और पति मूक दर्शक नहीं, बल्कि इस फैसले का सबसे बड़ा गवाह और समर्थक बना।

मिर्जापुर निवासी तन्जय प्रजापति की शादी वर्ष 2022 में जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र की पम्मी प्रजापति से हुई थी। वर्ष 2023 में दोनों का एक बच्चा भी हुआ। इसके बाद पति-पत्नी महाराष्ट्र में रहने लगे। इसी दौरान पम्मी अपने प्रेमी राजू बैरागी के साथ मुंबई से गांव लौट आई। घटना की जानकारी मिलने पर तन्जय ने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराई और फिर जौनपुर पहुंचा।

हालात को समझने के बाद तन्जय ने गुस्से या बदले की राह छोड़कर त्याग का रास्ता चुना। उसने पत्नी और उसके प्रेमी को मंदिर ले जाकर पूरे विधि-विधान से विवाह कराया और कचहरी में आपसी सहमति से लिखापढ़ी कराते हुए पत्नी को उसके प्रेमी के साथ विदा कर दिया। वायरल वीडियो में सबसे भावुक पल वह रहा, जब तन्जय खुद आगे बढ़कर दोनों को आशीर्वाद देता नजर आया।

तन्जय प्रजापति ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा समय में प्रेम संबंधों के चलते कई घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे अपने साथ रखने का फैसला किया है।

वहीं पत्नी पम्मी ने कैमरे के सामने कहा कि उसकी शादी झूठ बोलकर कराई गई थी और वह अपने पति से खुश नहीं थी। उसने बताया कि वह अपने स्कूल के साथी राजू से बेइंतहा प्यार करती है। उधर प्रेमी राजू बैरागी ने बताया कि वे दोनों साथ पढ़ते थे। उसकी शादी पहले हो चुकी थी, लेकिन पत्नी की मृत्यु के बाद वह अकेला था। पम्मी से बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और अब वे साथ जीवन बिताना चाहते हैं।

कानूनी प्रक्रिया से जुड़े अधिवक्ताओं ने बताया कि यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है और सभी पक्षों की मौजूदगी में लिखित सहमति दर्ज कराई गई है।

फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ की याद दिलाने वाली यह घटना अब जौनपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे लोग त्याग की मिसाल कह रहे हैं तो कुछ इसे बदलते सामाजिक रिश्तों की तस्वीर मान रहे हैं।

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