विप्र, वाल्मीकि सहित सर्व समाज की एकता, नारी सम्मान और सांस्कृतिक चेतना का दिया गया संदेश
धर्म जागरण एवं सामाजिक समरसता के उद्देश्य से एक भव्य संत यात्रा का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व Amrit’s वीरांगना फाउंडेशन एवं भाई सत्यवीर यादव ने किया। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में बिखरे हिंदू समाज—विप्र, वाल्मीकि सहित सभी वर्गों—को एक सूत्र में पिरोना, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना तथा सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
यात्रा विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समरसता विभाग तथा Amrit’s वीरांगना फाउंडेशन एवं भाई सत्यवीर यादव के सहयोग से संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान समाज को मंदिरों, संस्कारों और सेवा कार्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती एकता, अनुशासन, सेवा और जागरूकता से आती है।
इस अवसर पर नारी सम्मान, सुरक्षा, आत्मसम्मान और सामाजिक सहभागिता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। Amrit’s वीरांगना फाउंडेशन की अध्यक्ष बहन अमृता मौर्य ने कहा कि जब मातृ-शक्ति जागरूक और संगठित होती है, तब परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त होते हैं। फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को आत्मविश्वास, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
यात्रा में देश-विदेश में हिंदू समाज के समक्ष आ रही चुनौतियों पर संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया तथा सामाजिक समरसता के माध्यम से राष्ट्र की अखंडता को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
इस आयोजन में धर्म जागरण जिला संयोजक भाई सतवीर, विश्व हिंदू परिषद के समरसता विभाग से भाई ओंकार, भाई कृष्ण जी सेहरावत, संजय अग्रवाल जी, राजेंद्र कश्यप जी, प्रकाश सैनी जी, राकेश राणा जी, बहन सुषमा जी, बजरंग दल के कार्यकर्ता एवं अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। माननीय ओमकार भाई जी भाई किशन सेहरावत जी,भाई प्रवेश परिंदा जी,भाई अशोक मौर्य जी,भाई राजेंद्र शर्मा जी,भाई अभिनाश गौर जी,भाई लोकेश जी,भाई राजकुमार जी,भाई उदयवीर जी,राष्ट्रीय हिंदू वाहिनी संगठन से भाई मोहनलाल शर्मा जी,पंडित अजय शास्त्री जी सभी के सहयोग से यह यात्रा एक सशक्त, अनुशासित और प्रेरणादायी स्वरूप में संपन्न हुई।
यह संत यात्रा समाज को यह संदेश देती है कि एकजुटता, समरसता और नारी सम्मान के साथ ही सशक्त समाज और सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण संभव है।
