वाराणसी, 17 अक्टूबर 2025: वाराणसी मंडल की एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी और महिला आरक्षी अर्चना राय को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भदोही के मेराज, पुत्र मोहम्मद जलालपुर की शिकायत पर की गई।
मेराज ने बताया कि उनके छोटे भाई रसूल की पत्नी एकसार ने 26 अगस्त 2025 को महिला थाना, कमिश्नरेट वाराणसी में उनके और परिवार के 13 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा (मु0सं0-23/25, धारा 135, 115(2), 85 बीएनएस और 3/4 डीपीए) दर्ज कराया था। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी कर रही थीं। मेराज ने आरोप लगाया कि 28 सितंबर 2025 को सुमित्रा उनके घर आईं और परिवार को जेल भेजने की धमकी दी। 16 अक्टूबर को मेराज ने थाने में सुमित्रा से मुलाकात की और खुद को निर्दोष बताया। इस पर सुमित्रा ने विवेचना से उनका नाम हटाने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की।
शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने इंस्पेक्टर संध्या सिंह के नेतृत्व में 17 अक्टूबर को जाल बिछाया। मेराज ने सुमित्रा देवी को 10 हजार रुपये दिए, जिन्हें उन्होंने महिला आरक्षी अर्चना राय को सौंपा। लेन-देन होते ही एंटी करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया और रिश्वत की राशि बरामद की।
आरोपियों को थाना कैंट, वाराणसी ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की गई है।
**आरोपियों का विवरण:**
1. **इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी**, महिला थाना प्रभारी, वाराणसी।
- नियुक्ति: 2010 में उप-निरीक्षक, 2020 में इंस्पेक्टर पदोन्नति।
- निवासी: भदोही (पूर्व नियुक्ति: राजातालाब, वाराणसी)।
2. **महिला आरक्षी अर्चना राय**
- नियुक्ति: 2016।
- निवासी: अजोरपुर, नरही, बलिया।
एंटी करप्शन की इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश दिया है।
