नई दिल्ली/लखनऊ: भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल मीडिया यूनिट) की आरटीआई (सूचना का अधिकार) सेल विभाग ने देश भर की तहसीलों में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत, भ्रष्ट अधिकारियों की कार्यप्रणाली और आय के स्रोतों की गहन जाँच कराई जाएगी।
| क्रम | भ्रष्टाचार के प्रमुख मामले
| 1. | खतौनी (जमीन का रिकॉर्ड) बनाने के नाम पर अवैध उगाही।
| 2. | वरासत (उत्तराधिकार) में नाम चढ़ाने के नाम पर भ्रष्टाचार।
| 3. | नक्शा बनाने के नाम पर रिश्वतखोरी।
| 4. | बंजर भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कराने के नाम पर भ्रष्टाचार।
| 5. | सरकारी जमीन पर मुकदमा लड़ाकर आम लोगों से धन उगाही करने के नाम पर भ्रष्टाचार।
*RTI अधिनियम के तहत जाँच*
| पहला चरण: | संबंधित अधिकारियों की संपूर्ण संपत्ति और उनके आय के स्रोतों की जाँच के लिए आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन दाखिल किए जाएंगे।
| दूसरा चरण: | इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली से संबंधित विधिपूर्वक सूचनाओं को सार्वजनिक करने की माँग की जाएगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
यूनियन की संयुक्त घोषणा:
इस महत्वपूर्ण अभियान की घोषणा यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार, आरटीआई सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार सचान, और आरटीआई सेल के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव सुमित कुमार ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी करते हुए की है। यह पहल तहसील स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर आम जनता को राहत दिलाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
