7 वर्षीय बालिका अनाया रिजवान की संदिग्ध मृत्यु: परिजनों ने उठाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप, अधिवक्ता ने पीएमओ और सीएम को लिखा पत्र; उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग।शशांक शेखर त्रिपाठी

बृज बिहारी दुबे
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वाराणसी: वाराणसी में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ महमूरगंज स्थित Matcare Maternity & Child Hospital में 7 वर्षीय मासूम बालिका अनाया रिजवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। परिजनों ने इस मृत्यु के पीछे गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही और एनेस्थीसिया के गलत प्रबंधन का गहरा संदेह व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार, बालिका अनाया को आँख की रेटिना सर्जरी के लिए पहले ASG Eye Hospital ले जाया गया था, जहाँ से उसे Matcare Hospital में रेफर किया गया। 15/16 अक्टूबर 2025 की रात उसकी अचानक मृत्यु हो गई, जिसे अस्पताल प्रबंधन ने 'कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर' बताया है। हालांकि, सर्जरी से पहले पूर्णतः स्वस्थ बच्ची की अचानक हुई मृत्यु को परिजन स्वीकारने को तैयार नहीं हैं।
इस गंभीर मामले में न्याय सुनिश्चित करने और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए, मृतक बच्ची की माता, श्रीमती आफ़रीन बानो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री शशांक शेखर त्रिपाठी ने तत्काल कार्रवाई की है।
की गई प्रमुख कार्रवाई:
 - प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र: अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री महोदय को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र लिखकर तत्काल जिलाधिकारी, वाराणसी और प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य), उत्तर प्रदेश को उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का सख्त आदेश देने का अनुरोध किया है। पत्र में दोनों अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज और चिकित्सा अभिलेखों को तुरंत जब्त करने की मांग की गई है ताकि साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो।
 मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सहित सभी संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी घटना की जानकारी देते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की गई है।अस्पतालों को लीगल नोटिस: अधिवक्ता द्वारा ASG Eye Hospital और Matcare Maternity & Child Hospital दोनों को लीगल नोटिस जारी कर सभी सीसीटीवी फुटेज, एनेस्थीसिया रिकॉर्ड और मेडिकल रिकॉर्ड को तत्काल सुरक्षित और संरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। वर्तमान स्थिति:मृतक अनाया की माँ, आफ़रीन बानो, इस समय महमूरगंज स्थित ASG Eye Hospital में मौजूद हैं और अपनी बेटी के ऑपरेशन तथा डिस्चार्ज से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस (महमूरगंज चौकी) के अधिकारी भी मौके पर पहुँचे हुए हैं। परिजनों का कहना है कि वे न्याय के लिए अंतिम साँस तक लड़ेंगे और चिकित्सकों की लापरवाही के लिए कठोरतम दण्ड सुनिश्चित करवाएंगे।
अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा है कि यह मामला न केवल एक परिवार के लिए न्याय का प्रश्न है, बल्कि वाराणसी की चिकित्सा व्यवस्था और सरकारी निगरानी प्रणाली पर भी एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की अपील की है।

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