सावन के पहले 5 दिनों में आस्था का महाकुंभ: आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

बृज बिहारी दुबे
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हरिद्वार। सावन का प्रथम सप्ताह इस बार हरिद्वार के दक्षिण काली मंदिर में अद्भुत आस्था का साक्षी बन रहा है। परम पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की कठोर शिव साधना के दर्शन और आशीर्वाद के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। विदेशों में रहने वाले भक्त भी बड़ी संख्या में ऑनलाइन माध्यम से इस दिव्य साधना से जुड़ रहे हैं।

प्रतिदिन एक ही आसन पर लगभग 22 घंटे तक भगवान शिव की आराधना, जप, ध्यान और रुद्राभिषेक में लीन स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की तपस्या श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं।

सावन के पहले पाँच दिनों में ही लाखों श्रद्धालु डिजिटल माध्यमों से साधना और रुद्राभिषेक के दर्शन कर चुके हैं, जबकि हजारों श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से दक्षिण काली मंदिर पहुँचकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। शिवभक्ति, तप और सनातन परंपरा का यह अद्वितीय संगम देश-विदेश के श्रद्धालुओं को निरंतर आकर्षित कर रहा है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की कठोर साधना केवल व्यक्तिगत तप नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित आध्यात्मिक अनुष्ठान है। इसी कारण सावन के पहले पाँच दिनों में ही दक्षिण काली मंदिर प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विशेष चर्चा का विषय बन गया है।

मुख्य बिंदु

- सावन के पहले पाँच दिनों में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष दर्शन किए।
- देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से साधना से जुड़े।
- प्रतिदिन एक ही आसन पर लगभग 22 घंटे की कठोर शिव साधना और रुद्राभिषेक।
- दक्षिण काली मंदिर इस सावन में प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना।

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