प्रतापगढ़। रानीगंज के पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने बिहार के भोजपुर जनपद से जुड़े चर्चित भरत भूषण तिवारी प्रकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर लगातार विभिन्न प्रकार के प्रश्न उठ रहे हैं तथा जनमानस में भी अनेक शंकाएं व्याप्त हैं। ऐसे में सत्य तथ्यों को सामने लाने तथा जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए किसी स्थानीय या विभागीय जांच के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच कराना आवश्यक है।
पूर्व विधायक श्री ओझा ने बताया कि उन्होंने स्पीड पोस्ट के माध्यम से माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय, सर्वोच्च न्यायालय; माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय, पटना उच्च न्यायालय; माननीय प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार; माननीय उपराष्ट्रपति महोदय; माननीय लोकसभा अध्यक्ष महोदय; माननीय गृह मंत्री जी, भारत सरकार; माननीय अध्यक्ष महोदय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग; माननीय अपर मुख्य सचिव (गृह), बिहार सरकार, पटना; तथा माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय, भोजपुर (आरा), बिहार को पत्र प्रेषित कर इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कानून का उल्लंघन हुआ है अथवा किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध निष्पक्ष जांच के आधार पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। न्याय तभी सार्थक होगा जब जांच पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
श्री ओझा ने कहा कि लोकतंत्र में कानून सर्वोपरि है तथा प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय प्राप्त करने का अधिकार है। इसलिए इस संवेदनशील प्रकरण की सीबीआई जांच कराकर सत्य को देश और समाज के सामने लाया जाना चाहिए, ताकि न्याय की स्थापना हो सके तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
