नई दिल्ली, ०८ जून:शिवसेना पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के तत्वावधान में आज देश की राजधानी नई दिल्ली में 20 राज्यों के राज्य प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस चिंतन बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के हर कोने तक शिवसेना की विचारधारा को पहुँचाना और विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन को एक नई ऊर्जा, गति और मजबूती प्रदान करना था।
इस विशेष बैठक में मुख्य रूप से शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव कैप्टन अभिजीत अडसूल उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में देश के 20 अलग-अलग राज्यों से आए शिवसेना के राज्य प्रमुखों और उपराज्य प्रमुखों ने हिस्सा लिया और संगठन विस्तार की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
उत्तर प्रदेश को लेकर बड़ा ऐलान
बैठक में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य प्रमुख अभय द्विवेदी और उपराज्य प्रमुख स्नेहल करमरकर ने राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर एक बड़ा बयान दिया।
"आगामी चुनावों में शिवसेना उत्तर प्रदेश में पूरी मजबूती के साथ सहभागिता करेगी। पार्टी धरातल पर संगठन को मजबूत कर रही है और आने वाले समय में शिवसेना, एनडीए (NDA) गठबंधन के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी।"
— अभय द्विवेदी, राज्य प्रमुख (उत्तर प्रदेश, शिवसेना)
बैठक के मुख्य बिंदु:
संगठन का विस्तार: देश के सभी 20 राज्यों में शिवसेना की नीतियों और जनहित के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती: राष्ट्रीय सचिव कैप्टन अभिजीत अडसूल ने सभी राज्य प्रमुखों को चुनावी तैयारियों और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
गठबंधन की राजनीति: उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में एनडीए गठबंधन को मजबूत करते हुए चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति तैयार की गई।
यह बैठक शिवसेना के राष्ट्रीय विस्तार और आगामी चुनावों के मद्देनजर बेहद निर्णायक मानी जा रही है।
