ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए बायोमेट्रिक जांच जरूरी, बोरीवली RTO ने उठाया कदम

बृज बिहारी दुबे
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मुंबई, मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी परमिट के नवीनीकरण में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने की आशंका जताई गई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए नकली लोगों को खड़ा कर परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कराया जा रहा है। इस मामले को गंभीर मानते हुए बोरीवली आरटीओ ने राज्य परिवहन आयुक्त से तुरंत बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की मांग की है। आरटीओ ने केंद्र सरकार की वाहन और सारथी प्रणाली को आपस में जोड़कर ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी बायोमेट्रिक जानकारी, फोटो और हस्ताक्षर अधिकारियों को सीधे उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही नवीनीकरण के दौरान आधार कार्ड और फोटो की डिजिटल जांच अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव दिया गया है, बोरीवली आरटीओ द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार ऑटो-रिक्शा और टैक्सी परमिट एक व्यक्ति, एक परमिट के नियम के तहत दिए जाते हैं। साथ ही परमिट और वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के समय संबंधित परमिट धारक की खुद मौजूदगी जरूरी होती है। लेकिन जांच में सामने आया है कि कई मामलों में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

    फिलहाल नवीनीकरण प्रक्रिया में आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। लेकिन इनकी ऑनलाइन या बायोमेट्रिक जांच की कोई मजबूत व्यवस्था नहीं होने के कारण फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल आसानी से हो रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कुछ मामलों में मृत परमिट धारकों के नाम पर भी नवीनीकरण कर दिया गया। ऐसे ही एक मामले में बोरीवली आरटीओ ने दो रिक्शा जब्त कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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