नई दिल्ली वाराणसी कचहरी में हुई हिंसा के मामले में भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी ने घटना की कड़ी निंदा की है। यूनियन की ओर से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार ने कहा कि न्यायपालिका के पवित्र पावन प्रांगण में इस तरह की हिंसा लोकतंत्र के लिए अशुभ माना जाता है।
*पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल*
एके बिंदुसार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि वकील हो या पत्रकार या सामाजिक कार्यकर्ता उनके ऊपर पुलिसिया उत्पीड़न का मामला प्रकाश में प्रतिदिन आता है इस पर भी गंभीरता पूर्वक विचार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा पुलिसिया उत्पीड़न को लेकर सरकार को गंभीर होना चाहिए और इस पर उच्च स्तरीय जांच करने की आवश्यकता है।
*वाराणसी सेंट्रल बार की प्रतिक्रिया*
वाराणसी सेंट्रल बार के महामंत्री राजेश गुप्ता ने कड़ी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कचहरी न्याय का मंदिर है और यहां हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने इस घटना में घायल हुए पुलिसकर्मियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
*पुलिस की कार्रवाई*
अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
*बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था*
घटना के बाद पुलिस ने कचहरी परिसर के आसपास निगरानी बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। कचहरी में वकीलों और पुलिस के बीच हुई इस झड़प ने दोनों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं।
