नई दिल्ली भारतीय मीडिया फाउंडेशन (बीएमएफ) नेशनल कोर कमेटी में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यूनियन की नेशनल कोर कमेटी ने नियमानुसार सत्र 2026 के लिए एक नई और सशक्त राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस कदम को संगठन की भविष्य की रणनीतियों और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने केंद्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, तत्काल प्रभाव से वर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भंग करने की आधिकारिक घोषणा की। यह फैसला मीडिया जगत में यूनियन की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नए नेतृत्व को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय को देखते हुए, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि संगठन के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। नई कार्यकारिणी के गठन और उसके कार्यभार संभालने तक, सत्र 2025 की पूर्व कार्यकारिणी के सभी मीडिया अधिकारी और पदाधिकारी अपने पदों पर कार्यवाहक की भूमिका में बने रहेंगे। यह व्यवस्था संगठन की निरंतरता और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेगी।
सभी की निगाहें अब 18 सितंबर की ओर हैं। इसी दिन, एक बहुप्रतीक्षित घोषणा की जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागीय प्रमुखों और अन्य महत्वपूर्ण मीडिया अधिकारियों के नामों का ऐलान किया जाएगा। यह घोषणा संगठन के नए नेतृत्व और उसकी भविष्य की योजनाओं की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करेगी।
यह बदलाव भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल )के लिए एक नया अध्याय लिखेगा, जिसमें संगठन को नई ऊर्जा, दृष्टिकोण और गति मिलेगी, जिससे यह देश भर में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि यूनियन का विभागीय प्रकोष्ठ आरटीआई सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार सचान वैधानिक रूप से आरटीआई सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे क्योंकि उनकी नियुक्ति अभी नहीं हुई है।
बाकी के सभी पदों पर पुनर्विचार करके लोगों को नामित किया जाएगा।
यूनियन के संस्थापक एवं केंद्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष एके बिंदुसार ने साफ शब्दों में कहा कि दो धारी तलवार चलाने वाले लोगों को यूनियन में किसी भी महत्वपूर्ण पदों पर वरीयता नहीं दी जाएगी।
जो भी साथी कहीं भी जुड़ा है उससे यूनियन को कोई भी लेना देना नहीं हैं अगर आप यहां जिम्मेदारी लेते हैं तो पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना होगा।
एके बिंदुसार ने कहा कि राष्ट्रीय कमेटी के गठन के बाद राज्य लेवल पर नई कार्यकारिणी के गठन का प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष करन छौकर, केंद्रीय अनुशासन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष राम आसरे, केंद्रीय सलाहकार परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण माधव मिश्रा वैधानिक रूप से अपने पदों पर बने रहेंगे।
